(Special Marriage Act )शादी के लिये धर्म परिवर्तन जरूरी नहीं ! Allahabad High Court

 Introduction

Special Marriage Act

  • हाल ही  में इलहाबाद हाई कोर्ट ने एक फैसला सुनाया जिसमे उनका कहना है कि सिर्फ शादी के लिया धर्म परिवर्तन करना स्वीकार नहीं किया जा सकता है। 
  • उनका कहना है कि एक धर्म से दूसरे धर्म में शादी करने के लिये धर्म परिवर्तन करना जरुरी नहीं है। 
  • किसी भी  दो धर्मो के लोग Special Marriage Act 1954  के तहत आपस में शादी कर सकते है 
  • September 2020 में कोर्ट ने अपने एक फैसले में एक लड़की को पुलिस सुरक्षा देने से इसलिए इंकार कर दिया था कयुँकि लड़की मुस्लिम family से थी और उसने हिन्दू लड़के से शादी के लिये एक महीने पहले ही अपना धर्म परिवर्तन करबाया था। 
  • Court ने माना की इससे साफ़ जाहिर होता है कि लड़की ने शादी के लिये ही धर्म परिवर्तन किया है। 

धर्म परिवर्तन कानून -

हाल ही में भारत के चार राज्य (कर्नाटक, मध्य प्रदेश, हरयाण, उत्तर प्रदेश ) शादी के लिया जबरन धर्म परिवर्तन के लिये कानून बनाने की कोशिश कर रहे है। 

Special Marriage Act 1954 

  • Special Marriage Act 1954  को 1954 में लागु किया गया था 
  • Special Marriage Act 1954 के तहत कोई भी दो अगल- अलग धर्मो के लोग आपस में शादी कर सकते है। 
  • इस एक्ट में शादी करने से उनको उनके पुराने आदिकारो से भी वंचित नहीं किया जाता है। (जैसे प्रॉपर्टी का अधिकार )
  • हर धर्म में शादी के लिये अलग अलग एक्ट है पर उनमे शादी उन धर्मो की परम्परा के साथ की जाती है इन धर्मो के एक्ट में की गई शादी को भी रजिस्टर किया जाता है 









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