क्या है केरल पुलिस एक्ट संशोधन 118 A ! केरल सरकार को रोकना पड़ा



केरल पुलिस एक्ट संशोधन 118 A 

Kerala police Act amendment 118 A
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  • हाल ही में केरल सरकार ने केरल पुलिस एक्ट संशोधन को कुछ समय के लिया टाल दिया है।  
  • यह केरल में हो रहे विरोध के कारण किया गया है। 
  • केरल सरकार सेक्शन 118 A को केरल पुलिस एक्ट में जोड़ना चाहती थी जिससे केरल पुलिस को अधिक शक्ति मिले। 
  • इस संशोधन की सहायता से राज्य सरकार केरल पुलिस को यह शक्ति देना चाहती थी की अगर कोई व्यक्ति किस दूसरे व्यक्ति को social media या अन्य किसी कनिकेशन की माध्यम से उत्पीड़न करता है तो उस पर 5 साल की जेल या 10000 हजार तक का जुर्माना या दोनों लगाए जा सकते है। 


क्या है केरल पुलिस एक्ट ?

  • केरल पुलिस एक्ट एक ऐसा एक्ट है जिसमे यह बताया गया है की केरल पुलिस को कैसे काम करना है और उनके पास कौन कौन से अधिकार है 

धारा-188D और 66A क्या थी?

  • धारा-188D भी केरल के पुलिस एक्ट में थी। इस धारा के तहत कम्प्यूटर या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या कम्युनिकेशन के किसी भी माध्यम के जरिए आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करना साइबर क्राइम के दायरे में आता था। इस धारा के तहत पुलिस गिरफ्तार कर सकती थी और इसके तहत दोषी पाए जाने पर 3 साल की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकती थी।
  • इसी तरह आईटी एक्ट की धारा-66A के तहत किसी भी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पर बेस्ड किसी भी कम्युनिकेशन मीडियम से भेजा जाने वाला मैसेज अगर आपत्तिजनक, अश्लील या अपमानजनक है तो गिरफ्तारी हो सकती थी। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर भी 3 साल तक की सजा और जुर्माने या दोनों का प्रावधान था।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में आईटी एक्ट की धारा-66A और केरल पुलिस एक्ट की धारा-118D को इस आधार पर निरस्त कर दिया था कि ये फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड एक्सप्रेशन का उल्लंघन करती है। 


विरोध क्यों ?

इसका विरोध करने बालो का मानना है की यह अभिव्यक्ति की आजादी आर्टिकल 19 के विरूध है और सरकार इसका प्रयोग उन लोगो के लिये कर सकती है जो सरकार का विरोध करेंगे। 






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